नौकरी नहीं छीन रहा बल्कि आदमी के काम को आसान कर रहा एआई, जाने कैसे

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Last Updated:March 15, 2026, 11:20 IST

इतिहास गवाह है कि जब भी कोई नई तकनीक आती है तो उसका असर जॉब मार्केट पर जरूर पड़ता है. इसी तरह एआई भी काम करने के तरीके और जॉब के लैंडस्केप को बदल रहा है. हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि एआई की वजह से नौकरियां खत्म हो जाएंगी. यह एक मिथक है कि एआई नौकरियां छीन रहा है. असल में उन लोगों के लिए जॉब की कमी नहीं होती जिनके पास सही स्किल, टैलेंट और नई तकनीकों को इस्तेमाल करने की क्षमता होती है.

अलीगढ़: तेजी से बदलती तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई ने दुनिया भर में काम करने के तरीके को काफी हद तक बदल दिया है. जहां एक ओर एआई को लेकर लोगों के बीच नौकरियों को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं हैं, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि सही स्किल और तकनीक की समझ रखने वाले युवाओं के लिए यह तकनीक नए अवसर भी पैदा कर रही है.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर व असिस्टेंट टीपीओ डॉ. मुजम्मिल ने बताया कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने अपनी एक खास जगह बना ली है. यह तकनीक इंसानों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है और लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है. ऐसे में जो छात्र एआई के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए सबसे जरूरी है कि वे नई तकनीकों को समझें और उन्हें इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करें.

नौकरी नहीं छीन रही एआई

उनका कहना है कि इतिहास गवाह है कि जब भी कोई नई तकनीक आती है तो उसका असर जॉब मार्केट पर जरूर पड़ता है. इसी तरह एआई भी काम करने के तरीके और जॉब के लैंडस्केप को बदल रहा है. हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि एआई की वजह से नौकरियां खत्म हो जाएंगी. यह एक मिथक है कि एआई नौकरियां छीन रहा है. असल में उन लोगों के लिए जॉब की कमी नहीं होती जिनके पास सही स्किल, टैलेंट और नई तकनीकों को इस्तेमाल करने की क्षमता होती है.

डॉ. मुजम्मिल हक बताते हैं कि आज का समय स्मार्ट टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सोसाइटी का दौर है. ऐसे में छात्रों को भी स्मार्ट तरीके से काम करना सीखना होगा. कई ऐसे काम होते हैं जिन्हें करने में पहले घंटों लग जाते थे, लेकिन अब एआई टूल्स और एप्लिकेशन की मदद से वही काम कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि छात्रों को सही प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव मिले, ताकि वे इन टूल्स का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकें.

आदमी के काम को कर रहा आसान

प्रोफेसर बताते हैं कि हर नई तकनीक के दो पहलू होते हैं, एक सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक. सकारात्मक पहलू यह है कि तकनीक से काम आसान, तेज और अधिक सटीक हो जाता है. वहीं नकारात्मक पहलू यह है कि जो लोग नई तकनीक को अपनाने से बचते हैं, वे जॉब मार्केट में खुद को दूसरों से कम प्रतिस्पर्धी महसूस करने लगते हैं. उनका कहना है कि जब कंप्यूटर आया था तब भी लोगों को डर था कि इससे नौकरियां खत्म हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कंप्यूटर ने सिर्फ काम करने का तरीका और कार्यशैली बदली. आज भी एआई के साथ वही स्थिति है. इसलिए जरूरी है कि लोग तकनीक से डरने के बजाय उसे सीखें, अपनाएं और अपने काम में लागू करें.

एआई से बन रहा रोजगार का अवसर

डॉ. मुजम्मिल हक के अनुसार एआई का प्रभाव अब लगभग हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है. चाहे अप्लाइड साइंस और इंजीनियरिंग हो, मैनेजमेंट हो, मेडिकल साइंस हो या फिर आर्ट्स और सोशल साइंस. हर जगह एआई से जुड़े कई टूल्स और एप्लिकेशन विकसित हो चुके हैं. यहां तक कि सोशल साइंस और ह्यूमैनिटीज जैसे क्षेत्रों में भी एआई आधारित कई प्लेटफॉर्म उपयोग में लाए जा रहे हैं. जो छात्र इन टूल्स और तकनीकों को सीखकर उन्हें अपने काम में लागू करेंगे, उनके लिए भविष्य में रोजगार के अवसर काफी बेहतर होंगे.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 ...और पढ़ें

Location :

Aligarh,Uttar Pradesh

First Published :

March 15, 2026, 11:20 IST

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