Last Updated:March 15, 2026, 17:27 IST
चुनाव आयोग ने बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है. आयोग के इस फैसले पर सभी हैरान हैं क्योंकि पिछली बार आठ चरणों में चुनाव हुए थे और राज्य में चुनावी हिंसा में लगभग 48 से 52 लोग मारे गए थे. लेकिन, चुनाव आयोग के इस बार केवल दो फेज में मतदान कराने के फैसले के पीछे की स्ट्रेटजी क्याहै जानने की कोशिश करेंगे.

West Bengal Election News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की ऐलान हो गया है. इस बार बंगाल में दो चरणों में मतदान होने जा रहा है. चुनाव आयोग ने बताया कि बंगाल में 24 और 29 अप्रैल को चुनाव होने जा रहा है. बंगाल में चुनाव वो भी केवल दो चरणों में, जी हां, आपकी तरह चुनावी एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं कि बंगाल में केवल दो चरणों में चुनाव कैसे हो सकता है क्योंकि पिछली बार बंगाल में आठ चरणों में चुनाव हुए थे. इस दौरान पूरा देश वहां की हिंसा की घटनाओं को देखा था. तो चुनाव आयोग ने इस बार साहस दिखाते हुए दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया है. तो इससे पता चलता है कि बंगाल में चुनाव आयोग की तैयारी कैसी है? आपको बता दें कि तारीखों की ऐलान के बाद मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए दो चरण में चुनाव बंगाल में कराए गए है. अब हम समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर चुनाव आयोग ने ऐसा फैसला क्यों किया?
अगर, चुनाव आयोग की दो चरणों में चुनाव कराने के पीछे की क्रोनोलॉजी को समझें की कोशिश करें तो सबसे पहले तैयारियों को देखना होगा. पिछली बार आठ चरणों में चुनाव हुए थे. जिसमें प्री-पोलिंग से लेकर चुनावी नतीजे आने तक 48 से 52 लोगों की मौत हुई थी. इसमें केवल चुनाव के दौरान लगभग 20 से 25 लोगों की मौत हुई थीं. अगर इसबार बार के प्री-पोलिंग पर नजर डालें तो ना के बराबर हिंसा की खबरें आईं हैं. प्री-पोलिंग का मतलब है कि चुनाव की तारीख के ऐलान से पहले से लेकर वोटिंग तक. यानी कि चुनावी तैयारियों के बीच हिंसा पर लगाम लगी हैं. हो सकता है कि इसकी वजह से चुनाव आयोग ने दो चरणों का फैसला लिया हो.
उपद्रवियों पर चुनाव आयोग का लगाम
चुनाव आयोग पिछले छह महीनों से बंगाल में एक्टिव है. यानी कि बीते साल अक्टूबर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है. यानी कि चुनाव आयोग पिछले 6 महीनों से बंगाल में एक्टिव है. वहां की हर गतिविधियों पर चुनाव आयोग की नजर है. जबकि पिछले बार चुनाव आयोग के पास केवल दो महीने में चुनाव कराने का समय था, साथ ही वहां कि लोकल पुलिस-प्रशासन पर चुनाव राज्य सरकार का अधिकार था. इसकी वजह से चुनाव आयोग हिंसा वाले क्षेत्र में चुनाव आयोग कड़ाई के साथ एक्टिव नहीं हो सका था. अबकी बार प्रशासन चुनाव आयोग के हाथ में होगी, जिसकी वजह से हिंसा पर लगाम लगाना आसान होगा. वहीं, एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग ने उन अवैध अराजक उपद्रवियों को वोटर लिस्ट से बाहर कर चुका है. दो चरणों में चुनाव कराने से हिंसा पर लगाम लगाना आसान रहेगा.
कहां कब चुनाव
उत्तर बंगाल और जंगलमहल में पहले चरण का मतदान होगा. पहले चरण का मतदान 16 जिलों में होगा जिसमें दार्जिलिंग, कालीमपोंग, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार, अलीपुरद्वार, मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, दु मेदिनीपुर, पश्चिम बर्दवान (बर्धमान), बांकुरा, पुरुलिया और झाड़ग्राम शामिल हैं. वहीं, दूसरे चरण का मतदान 7 जिलों में होगा कोलकाता, दो परगना (दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना ), हावड़ा, हुगली, नादिया और पूर्वी बर्दमान (बर्धमान) जिले शामिल हैं.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
Location :
Kolkata,West Bengal
First Published :
March 15, 2026, 17:19 IST

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