Last Updated:February 10, 2026, 18:53 IST
दिल्ली के पीरागढ़ी में कार के अंदर मिली तीन लाशों की पहेली अब और दिलचस्प होती जा रही है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मौत से पहले कार में एक चौथा शख्स मौजूद था जो खुद को तंत्र-मंत्र का ज्ञानी बताता है. यह बाबा एक लाख को पांच लाख बनाने का लालच देकर लोगों को ठगता था. पुलिस अब बाबा की कुंडली खंगाल रही है, ताकि इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आ सके.

नई दिल्ली. पीरागढ़ी की उस सुनसान सड़क पर खड़ी कार के भीतर जब पुलिस ने झांका तो मंजर देख रूह कांप गई. तीन लाशें, बंद शीशे और एक खामोश मौत का सन्नाटा. जैसे-जैसे जांच की परतें खुल रही हैं इस मौत की पहेली में एक चौथे साये की एंट्री ने पुलिस की नींद उड़ा दी है. रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी की मौत महज इत्तेफाक नहीं बल्कि एक खतरनाक तांत्रिक जाल की ओर इशारा कर रही है. माना जा रहा है कि यह चौथा शख्स मौत की जकड़ में आने से ठीक पहले तक उस कार में मौजूद था, वह कोई और नहीं बल्कि एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक बाबा’ है.
रात के अंधेरे में तंत्र-मंत्र की गूंज और दौलत को दोगुना करने का लालच. यह कहानी अब किसी डरावनी फिल्म जैसी लगने लगी है. वह बाबा दावा करता था कि वह ‘मिट्टी को सोना’ और ‘एक लाख को पांच लाख’ बना सकता है, उस रात कार में घंटों तक इन तीनों के साथ क्या कर रहा था? क्या वह अपनी तंत्र विद्या की शक्ति दिखा रहा था या फिर मौत का कोई ऐसा सामान छोड़ गया जिसका सुराग पुलिस को भी नहीं मिल रहा?
पीरागढ़ी कांड: तांत्रिक बाबा और मौत का रहस्य
सवाल 1: पुलिस को उस तांत्रिक बाबा पर शक क्यों है?
पुलिस के पास पुख्ता तकनीकी और चश्मदीद सबूत हैं कि घटना वाले दिन रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी के साथ कार में एक चौथा शख्स मौजूद था. वह बाबा काफी देर तक उनके साथ था. चूंकि तीनों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और बाबा उनके साथ आखिरी वक्त तक था, इसलिए जांच की सुई सीधे उस पर टिकी है.
यह बाबा लोगों को अपने जाल में कैसे फंसाता था?
सूत्रों के मुताबिक, यह बाबा खुद को तंत्र-मंत्र का महाज्ञानी बताता है. उसका मुख्य हथकंडा लोगों के लालच को जगाना था. वह दावा करता था कि वह अपनी शक्तियों से 1 लाख रुपये को 5 लाख में बदल सकता है. इसी ‘पैसा बनाने’ के झांसे में आकर कई लोग पहले भी अपनी गाढ़ी कमाई लुटा चुके हैं.
क्या दिल्ली पुलिस के पास बाबा के खिलाफ कोई ठोस सबूत है?
यही इस केस की सबसे बड़ी चुनौती है. बाबा इतना शातिर है कि उसने अब तक अपने पीछे कोई कानूनी सबूत नहीं छोड़ा है. वह कार में मौजूद तो था लेकिन उन तीनों की मौत में उसका सीधा हाथ है या नहीं इसका कोई फॉरेंसिक या प्रत्यक्ष प्रमाण फिलहाल पुलिस के पास नहीं है. वह ‘क्लीन चिट’ और ‘क्राइम’ के बीच की धुंधली रेखा पर खेल रहा है.
बाबा का पिछला रिकॉर्ड क्या कहता है?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह बाबा पहले भी कई लोगों को मूर्ख बनाकर पैसे ऐंठ चुका है. वह बेहद चालाकी से काम करता है ताकि पुलिस की गिरफ्त में न आए. फिलहाल दिल्ली पुलिस उसकी पूरी ‘कुंडली’ खंगाल रही है ताकि उसके पुराने पीड़ितों और उसके काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पता लगाया जा सके.
कार में मौत की असल वजह क्या हो सकती है?
कार के शीशे बंद थे और बाहर से कोई चोट के निशान नहीं थे. पुलिस को शक है कि क्या बाबा ने ‘अनुष्ठान’ के नाम पर कार के अंदर किसी नशीले पदार्थ या जहरीली गैस का इस्तेमाल किया? या फिर यह तंत्र-मंत्र के चक्कर में दम घुटने का मामला है? विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत का असली राज खुलेगा.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
February 10, 2026, 18:53 IST

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