Sainik School Fees: सैनिक स्कूल में 1 साल की फीस कितनी है? क्या स्कॉलरशिप भी मिलती है?

2 hours ago

Last Updated:March 14, 2026, 11:57 IST

Sainik School Fees: सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे मिलता है, फीस कितनी है और प्रवेश परीक्षा कौन दे सकता है? अगर आप भी अपने बच्चे को एनडीए के लिए तैयार करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है. सैनिक स्कूल में पढ़ाई करके सेना में अफसर बनने का सपना साकार हो सकता है.

सैनिक स्कूल में 1 साल की फीस कितनी है? क्या स्कॉलरशिप भी मिलती है?Zoom

Sainik School Fees: सैनिक स्कूल में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप की डिटेल चेक कर सकते हैं

नई दिल्ली (Sainik School Admission). अगर आप अपने बच्चे को सेना में अफसर बनाना चाहते हैं तो उसकी मंजिल सैनिक स्कूल से होकर गुजरती है. सैनिक स्कूल केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों (NDA और INA) के लिए भविष्य के अधिकारियों को तैयार करने वाली नर्सरी हैं. रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित इन स्कूलों में एडमिशन मिलना आसान नहीं है. सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिएअखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) पास करना जरूरी है.

सैनिक स्कूल में एडमिशन की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और पारदर्शी है. इसका संचालन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) करती है. सैनिक स्कूल में न केवल एकेडमिक एक्सीलेंस पर ध्यान दिया जाता है, बल्कि खेलकूद, फिजिकल ट्रेनिंग और कैरेक्टर डेवलपमेंट पर भी फोकस किया जाता है. अगर आप अपने बच्चे को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 या कक्षा 9 में एडमिशन दिलाना चाहते हैं तो परीक्षा पैटर्न, आयु सीमा, आरक्षण के नियमों और स्कॉलरशिप की पूरी जानकारी होनी चाहिए.

Sainik School Fees: सैनिक स्कूल की फीस कितनी है?

अगर आप अपने बच्चे को सैनिक स्कूल भेजना चाहते हैं तो एक साल का खर्चा 1.5 लाख से 1.8 लाख रुपये के बीच आ सकता है. इसमें स्कूल की ट्यूशन फीस (करीब 1.16 लाख रुपये), खाने-पीने का पैसा, यूनिफॉर्म का खर्चा और बच्चे की पॉकेट मनी जैसी तमाम छोटी-बड़ी चीजें शामिल होती हैं. हालांकि, हर सैनिक स्कूल की फीस में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है. अगर आपके परिवार की सालाना कमाई कम है तो सरकार 30,000 से 60,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप देती है. इससे आम परिवारों के बच्चे भी यहां पढ़ाई कर सकते हैं.

Sainik School Eligibility Criteria: सैनिक स्कूल में एडमिशन किसे मिल सकता है?

सैनिक स्कूलों में केवल 2 स्तरों पर एडमिशन मिलता है:

कक्षा 6 के लिए: बच्चे की आयु 31 मार्च (एडमिशन ईयर) को 10 से 12 साल के बीच होनी चाहिए. इसमें लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं. कक्षा 9 के लिए: बच्चे की आयु 13 से 15 साल के बीच होनी चाहिए. छात्र का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से 8वीं कक्षा में पास होना अनिवार्य है (कुछ सैनिक स्कूलों में अब लड़कियों को भी कक्षा 9 में एडमिशन दिया जा रहा है).

सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा पैटर्न

अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) पेन-पेपर मोड (OMR आधारित) में होती है.

कक्षा 6: कुल 300 अंकों की परीक्षा होती है, जिसमें गणित (150 अंक), सामान्य ज्ञान, भाषा और इंटेलिजेंस टेस्ट शामिल हैं. कक्षा 9: कुल 400 अंकों की परीक्षा होती है, जिसमें गणित (200 अंक), अंग्रेजी, इंटेलिजेंस, सामान्य विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं.

सैनिक स्कूल में एडमिशन कैसे मिलता है?

सैनिक स्कूल में एडमिशन केवल लिखित परीक्षा पास करने से नहीं मिलता. इसके 3 मुख्य चरण हैं:

लिखित परीक्षा (NTA द्वारा संचालित): मेरिट लिस्ट में नाम आना जरूरी है. मेडिकल टेस्ट: छात्र को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना चाहिए. दृष्टि, सुनने की शक्ति और हड्डियों की संरचना की बारीकी से जांच होती है. काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन: ई-काउंसलिंग के माध्यम से सैनिक स्कूल अलॉट किए जाते हैं.

भारत में कितने सैनिक स्कूल हैं?

मौजूदा दौर में भारत में 33 पुराने सैनिक स्कूल हैं जो पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय के अधीन हैं. हालांकि, सरकार ने पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी दी है, जिनमें से कई ने काम करना शुरू कर दिया है. ये सैनिक स्कूल पूरे देश में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के अमेठी, झांसी, मैनपुरी और घोड़ाखाल (उत्तराखंड) जैसे स्कूल काफी प्रसिद्ध हैं.

About the Author

Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें

First Published :

March 14, 2026, 11:57 IST

Read Full Article at Source