ट्रेन से सफर करते समय या रेलवे स्टेशन और पटरियों के आसपास अक्सर लोहे के पुराने हिस्से, टूटे उपकरण या दूसरी बेकार पड़ी सामग्री नजर आ जाती है. ज्यादातर लोग इन्हें कबाड़ समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन कम ही लोगों को पता होता है कि इन चीजों पर रेलवे की पूरी नजर रहती है. दरअसल, यह कबाड़ यूं ही पड़ा नहीं रहता और न ही इसे कोई आसानी से उठा ले जाता है. रेलवे समय-समय पर इन सामग्रियों को इकट्ठा कर उनकी नीलामी करता है. इसी प्रक्रिया के जरिए कबाड़ भी रेलवे के लिए अच्छी खासी कमाई का जरिया बन जाता है. हाल ही में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने इसी दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है.
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1 day ago

