लोगों की लंबी-लंबी लाइनें और ज्यादा पैसों की डिमांड! जानिए एलपीजी संकट के गुनाहगार कौन?

1 hour ago

होमताजा खबरदेश

लंबी-लंबी लाइनें और ज्यादा पैसों की डिमांड! जानिए LPG संकट के गुनाहगार कौन?

Last Updated:March 13, 2026, 19:54 IST

देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी गैस की किल्लत के बीच पुलिस ने कालाबाजारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. हापुड़ में सपा नेता के घर से 55 सिलेंडर बरामद हुए, तो जबलपुर और कर्नाटक में भी दर्जनों अवैध सिलेंडर जब्त किए गए. नोएडा में गैस एजेंसी द्वारा फर्जी डिलीवरी मैसेज भेजकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. प्रशासन ने जमाखोरों के खिलाफ 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट' के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

लंबी-लंबी लाइनें और ज्यादा पैसों की डिमांड! जानिए LPG संकट के गुनाहगार कौन?Zoom

एलपीजी गैस के गुनाहगार कौन?

LPG Cylinder Black Marketing: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल-अमेरिका संकट का असर भारत में भी दिख रहा है. एलपीजी की संकट को लेकर तमाम खबरों के बाद लोगों ने गैस के लिए लाइन एजेंसियों के बाहर लाइन लगाना शुरु कर दिया. कई जगहों पर गैस की किल्लत की खबर आई. हालांकि, केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी गैस की किल्लत नहीं होगी और निर्वाध रूप से सप्लाई होती रहेंगी. इसके बावजूद आपदा में अवसर तलाशने वालों की कमी नहीं रही.

एक तरफ आम आदमी खाली सिलेंडर लेकर घंटों कतारों में खड़ा अपनी बारी का इंतजार कर रहा है, तो दूसरी तरफ रसूखदार सफेदपोश और बिचौलिए अपने घरों को अवैध गैस डिपो बनाकर जनता की मजबूरी का सौदा करने पर तूले हुए हैं. उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और कर्नाटक कई गुनाहगार शुक्रवार को पकड़े गए. हापुड़ में तो एक नेताजी के घर के भीतर ही गैस का ऐसा जखीरा मिला कि अधिकारी भी दंग रह गए.

कालाबाजारी करने वाले आपदा में अवसर तलाश रहे हैं.

आपदा में अवसर की तलाश

कालाबाजारी का आलम यह है कि ₹1000 का सिलेंडर ₹2000 में ब्लैक किया जा रहा है, तो कहीं होटलों में घरेलू गैस की चोरी कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है. नोएडा-बेंगलुरु जैसे शहरों में तो डिजिटल स्कैम के जरिए लोगों के हक पर डाका डाला जा रहा है, जहां बिना सिलेंडर मिले ही डिलीवरी के मैसेज आ रहे हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि संकट के समय जनता की जेब काटने वाले इन एलपीजी के गुनाहगारों के लिए अब जेल की सलाखें तैयार की गई है. चलिए जानते हैं कहां-कहां एलपीजी के गुनाहगार पकड़े गए.

हापुड़ उत्तर प्रदेश: सपा नेता के घर 55 सिलेंडर- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गैस किल्लत का फायदा उठाकर मोटी कमाई करने वाले एक नेता जी का भंडाफोड़ हुआ है. असौड़ा गांव में समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल रेहान के घर पर पुलिस और जिला आपूर्ति विभाग की टीम ने बड़ी छापेमारी की. ग्रामीणों की शिकायत थी कि रेहान एक सिलेंडर के लिए ₹2,000 तक वसूल रहा था. जब टीम ने उसके घर की घेराबंदी की, तो आरोपी मौके से फरार हो गया. तलाशी के दौरान घर से 55 भरे हुए सिलेंडर और कई खाली सिलेंडर बरामद हुए. पुलिस की कई टीमें अब इस भगोड़े नेता की तलाश में जुटी हैं.
वहीं हापुड़ के ही एक अन्य मामले में 11 मार्च की रात पुलिस ने एक और अवैध स्टॉक पकड़ा. यहाँ आरोपी ने कबूल किया कि वह पिछले एक साल से विभिन्न डीलरों से सिलेंडर खरीदकर ऊंचे दामों पर बेच रहा था. पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है. जबलपुर मध्य प्रदेश: रिहायशी इलाके में मौत का बारूद- मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. अधारताल थाना क्षेत्र में नायब तहसीलदार नीलू बागड़ी और खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर 46 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए. आरोपी प्रदीप साहू ने रिहायशी इलाके के बीचों-बीच अवैध गोदाम बना रखा था, जो न केवल कानूनन अपराध है बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ी लापरवाही थी. यहाँ से 8 भरे हुए, 32 खाली और 4 कमर्शियल सिलेंडर बरामद हुए. अधिकारियों का कहना है कि संकट के समय ऐसी जमाखोरी करने वालों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है. कर्नाटक के यादगिर होटल पर रेड- कर्नाटक के यादगिर शहर में भी एलपीजी की कालाबाजारी को लेकर सख्त एक्शन लिया गया है. डिप्टी कमिश्नर हर्षल भोयार के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने शहर के कई होटलों पर अचानक छापेमारी की. जांच में पाया गया कि सब्सिडी वाली घरेलू गैस का इस्तेमाल धड़ल्ले से कमर्शियल उपयोग में लाया जा रहा है. इस रेड में कुल 46 सिलेंडर जब्त किए गए. नोएडा उत्तर प्रदेश: नोएडा के सेक्टर-5 स्थित एक गैस एजेंसी पर ग्राहकों ने गंभीर धोखाधड़ी और कालाबाजारी के आरोप लगाए हैं. पिछले चार दिनों से कतारों में खड़े लोगों का कहना है कि उनके मोबाइल पर ‘सिलेंडर डिलीवर’ होने का मैसेज तो आ जाता है, लेकिन हकीकत में उन्हें गैस नहीं मिली. ग्राहकों ने सबूत के तौर पर अपने डिलीवरी कन्फर्मेशन टोकन दिखाए और आरोप लगाया कि एजेंसी के कर्मचारी सिलेंडरों को ब्लैक में बाहर ही बेच रहे हैं. इस डिजिटल घोटाले की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

About the Author

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें

First Published :

March 13, 2026, 19:40 IST

Read Full Article at Source