'विदुर का नाम जोड़िए रावण का नहीं', संसद में आखिर निर्मला सीतारमण ने किसे दीं सलाह?

2 hours ago

Nirmala Sitaraman On Chandrashekhar Azad Ravan: संसद में बजट सत्र का दूसरा फेज चल रहा है. शुक्रवार को सदन में बजट सत्र के दौरान पूरक मांगों पर बहस के दौरान महाभारत काल का जिक्र हुआ. दरअसल, बहस के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी बात रखते हुए बिजनौर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गौरव के बारे में बात कीं. उन्होंने नगीना (बिजनौर) से सांसद और आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद को सलाह दे डालीं.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि महाभारत में एक बहुत ही सम्मानित पात्र और व्यक्तित्व हैं, महर्षि विदुर, जिनकी बुद्धिमत्ता की हम सभी प्रशंसा करते हैं. मुझे हाल में ही इसकी जानकारी हुई कि बिजनौर को उनका ‘रिटायरमेंट होम’ माना जाता है. महाभारत और कुरुक्षेत्र में जो कुछ भी हुआ, उसके बाद माना जाता है कि विदुर जी बिजनौर आए और अपने अंतिम वर्ष वहीं बिताए.’

VIDEO | In the Lok Sabha, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, “I felt very happy to receive this information that in the Mahabharata there is a highly respected character and personality, Maharishi Vidur, whom we all admire for his wisdom. I also came to understand… pic.twitter.com/3Vo4krZ2wd

रावण की जगह विदुर जोड़ लें

सीतारमण ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं एक छोटी सी बात रखना चाहती हूं, और मुझे उम्मीद है कि कोई मुझे गलत नहीं समझेगा. मैं आपके सामने एक विनम्र निवेदन करना चाहती हूं कि चंद्रशेखर आजाद जी के नाम को ‘रावण’ के साथ जोड़ने के बजाय, इसे ‘विदुर’ के साथ जोड़ें तो अधिक उचित होगा.’ गौरतलब है कि चंद्रशेखर आजाद अपने नाम के साथ ‘रावण’ जोड़ते हैं, जिस पर वित्त मंत्री ने उन्हें महाभारत के सबसे न्यायप्रिय और बुद्धिमान पात्र ‘विदुर’ की याद दिलाई.

1 लाख करोड़ का स्टेबलाइजेशन फंड

वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए एक बड़े सुरक्षा चक्र की घोषणा की. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार 1 लाख करोड़ रुपये का इकोनॉमिक स्टेबलाइजेशन फंड स्थापित कर रही है. यह फंड वैश्विक अनिश्चितताओं, विशेषकर पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल संकट) में बढ़ते तनाव के समय भारत की राजकोषीय स्थिति को मजबूत बनाए रखेगा. सीतारमण ने पीटीआई के हवाले से कहा, यह फंड भारत को वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों का जवाब देने के लिए वित्तीय गुंजाइश प्रदान करेगा.’

प्रमुख आवंटन:-

उर्वरक सब्सिडी: किसानों के लिए खाद की कमी न हो, इसके लिए 19,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन. गरीब कल्याण अन्न योजना: मुफ्त राशन योजना के लिए 23,641 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग. रक्षा बजट: सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य मजबूती के लिए 41,822 करोड़ रुपये का प्रावधान.

महाभारत काल में विदुर कौन थे?
विदुर हस्तिनापुर के प्रधानमंत्री और राजा धृतराष्ट्र एवं पांडु के भाई थे. पौराणिक कथाओं के अनुसार, वे ‘यमराज’ के अवतार थे, जिन्हें मांडव्य ऋषि के श्राप के कारण पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ा था. उनका जन्म ऋषि वेदव्यास और रानी अंबिका की दासी के संसर्ग से हुआ था, इसलिए उन्हें ‘दासी पुत्र’ भी कहा जाता है.

’विदुर नीति’ क्या है और इसका क्या महत्व है?
’विदुर नीति’ महाभारत के उद्योग पर्व का एक हिस्सा है. जब कुरुक्षेत्र का युद्ध करीब था और धृतराष्ट्र अशांत थे, तब विदुर ने उन्हें जो उपदेश दिए, उन्हें ही ‘विदुर नीति’ कहा जाता है.

विदुर का बिजनौर से क्या नाता है?
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले को विदुर की कर्मभूमि और विश्राम स्थली माना जाता है. बिजनौर में गंगा किनारे ‘विदुर कुटी’ नाम का एक ऐतिहासिक स्थान है. लोक मान्यताओं के अनुसार, जब दुर्योधन ने पांडवों को उनका हक देने से मना कर दिया और युद्ध अनिवार्य हो गया, तब विदुर ने राजपाठ छोड़ दिया और बिजनौर की इसी कुटिया में आकर रहने लगे. महाभारत युद्ध के बाद उन्होंने अपना अंतिम समय यहीं बिताया था.

’विदुर का साग’ वाली घटना क्या है?
यह विदुर की भक्ति और सादगी से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कहानी है. जब भगवान कृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर आए, तो दुर्योधन ने उनके लिए छप्पन भोग तैयार करवाए थे. लेकिन कृष्ण ने दुर्योधन के अहंकारपूर्ण भोजन को ठुकरा दिया और बिजनौर स्थित विदुर की कुटिया पर चले गए. वहां विदुर घर पर नहीं थे, उनकी पत्नी ने भावविभोर होकर कृष्ण को केवल ‘बथुए का साग’ खिलाया. कृष्ण ने कहा था कि उन्हें दुर्योधन के मेवों से अधिक आनंद विदुर के प्रेमपूर्ण साग में आया.

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