सरस्वती स्कॉलरशिप से छात्रों को मिल रही नई उड़ान, एचडी जैन कॉलेज के 10 छात्रों का चयन

1 hour ago

Last Updated:March 14, 2026, 14:21 IST

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में सरस्वती स्कॉलरशिप योजना मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ा संबल बनी है. हाल ही में, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के एचडी जैन कॉलेज, आरा के 10 छात्रों का चयन इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति के लिए हुआ है, जिससे कॉलेज में उत्साह का माहौल है. इसमें ट्यूशन फीस, किताबें और अध्ययन सामग्री खरीदना, प्रोजेक्ट कार्य करना, शोध गतिविधियों में भाग लेना और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल हैं.

सरस्वती स्कॉलरशिप से मिल रही नई उड़ान,  एचडी जैन कॉलेज के 10 छात्रों का चयनZoom

भोजपुर. तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे मेधावी छात्रों के लिए सरस्वती स्कॉलरशिप योजना बड़ी मदद बनकर सामने आ रही है. इस प्रतिष्ठित योजना के तहत वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध आरा के एचडी जैन कॉलेज के 10 छात्रों का चयन हुआ है. इस उपलब्धि से कॉलेज और छात्रों में खुशी का माहौल है. सरस्वती स्कॉलरशिप योजना ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन द्वारा चलाई जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है.

इस योजना के तहत चयनित छात्रों को प्रतिवर्ष अधिकतम 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है.इस छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग छात्र अपनी पढ़ाई से जुड़ी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कर सकते हैं. इसमें ट्यूशन फीस, किताबें और अध्ययन सामग्री खरीदना, प्रोजेक्ट कार्य करना, शोध गतिविधियों में भाग लेना और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल हैं. इससे छात्रों पर आर्थिक बोझ कम होता है और वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाते हैं.

आवेदन करने की प्रक्रिया
इस स्कॉलरशिप का लाभ लेने के लिए छात्रों का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाता है. इसमें छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन, उनकी नवाचार क्षमता और समग्र योग्यता को ध्यान में रखा जाता है. आवेदन के लिए छात्रों को AICTE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. इसके लिए संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेज भी अपलोड करने पड़ते हैं.

एचडी जैन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह उपलब्धि कॉलेज और विश्वविद्यालय दोनों के लिए गर्व की बात है. वहीं कुलपति डॉ. शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी और वे भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे.

First Published :

March 14, 2026, 14:21 IST

Read Full Article at Source